लैप्रोस्कोपिक सर्जरी एक वरदान

पेट के अन्दर किये जाने वाले सभी आपरेशन दो तरीके से किये जा सकते हैं

ओपेन – सर्जरी (चीरे द्वारा आपरेशन )

1 – पेट में 8 से 10 सेमी. तक का चीरा लगाते हैं।

2 . आपरेशन के बाद मरीज़ को 3 -4 सप्ताह तक आराम की जरूरत होती है।

3 . हार्निया ,संक्रमण दर्द तथा रक्तस्राव का खतरा होने की सम्भावना अधिक होती है।

लप्रोस्कोपिक सर्जरी (दूरबीन द्वारा आपरेशन)

1 - मात्र 3 छोटे छेद के द्वारा बड़े से बड़ा ट्यूमर व बच्चेदानी निकाली जाती है।

2 - आपरेशन से मात्र 6 घंटे बाद मरीज़ घर वापस जा सकता है।

3 - आपरेशन से 72 घंटे बाद अपनी दिनचर्या पर जा सकता है।

4 - आंते बाहरी हवा /औजार के सम्पर्क में नहीं आती इसलिए हार्निया, दर्द , रक्तस्राव व संक्रमण का खतरा नगण्य होता है।

डॉ रेनू सिंह गहलौत ने जर्मनी व फ्रांस से लप्रोस्कोपिक – सर्जरी में डिप्लोमा सर्टिफिकेट ट्रेनिंग प्राप्त कर कल्यानपुर, कानपूर में दिल्ली -मुम्बई जैसी तथा विश्वस्तरीय अत्याधुनिक सुविधा कम खर्च में उपलब्ध कराई है।

डॉ रेनू गहलौत “FOGSI” (Fogsi.org) प्रमाणित कोर्स – डायरेक्टर है। आप ने लेप्रोस्कोपी विधि से अबतक लगभग देश व विदेश के 300 से अधिक डॉक्टर्स को “लेप्रोस्कोपी “- हिस्ट्रोस्कोपी व कॉल्पोस्कोपी की ट्रेनिंग दे चुकी है। आप ने 700 से अधिक मरीज़ों को इस विधि द्वारा आपरेशन करके सन्तान सुख प्रदान किया है।

“लप्रोस्कोपिक – सर्जरी ” द्वारा निम्नलिखित आपरेशन कराये जा सकते है

1 - बच्चेदानी का आप्रेशन ( Total Laparoscopic Hysterectomy )- इस विधि में मात्र 3 छोटे छेद बच्चेदानी निकाल दी जाती है।
2 - अण्डकोश- ट्यूमर (Ovarian Cystectomy) – दूरबीन विधि द्वारा ओवरी की गांठे / ट्यूमर निकाले जाते है।
3 - एक्टॉपिक -प्रेग्नेंसी :-

दुरबीन विधि द्वारा फेलोपियन – ट्यूब में फंसे बच्चे को हटाकर ट्यूब को फटने से बचाया जाता है, जिससे मरीज़ भविष्य में सहजता से गर्भधारण क्र सकता है।

4. एंडोमेट्रिओसिस (Endometriosis) :-

दुरबीन विधि में निःसन्तानता से ग्रसित मरीज़ों में अण्डकोश की गांठे  हटाकर ओवरी बचा लिया है। जिससे ट्यूब / ओवरी के जालों (Adhesions ) को हटा दिया जाता है, जिससे मरीज़ में 50 से 60 प्रतिशत तक गर्भधारण की सम्भावना बढ़ जाती है । 

 

5. रसौली (Fibroid) का आपरेशन –

लैप्रोस्कोपिक – सर्जरी के बाद महिलायें सहजता से स्वतः गर्भधारणkar सकती है।  

6. पॉलीसिस्टिक ओवरी डिसीज़ (PCOD) –

हार्मोन्स की विसमताओं के कारण जिन महिलाओं में हर महीने अण्डा नहीं फूटता उन मरीज़ों की “ओवेरियन-ड्रिलिंग” करके हार्मोन्स की विसमताओं को दूर किया जाता है, जिससे अण्डा समय से फूटता है। 

7. फैलोपियन ट्यूब खोलना :-

मरीज़ की फैलोपियन – ट्यूब खोलकर (Tubal – Reanastomosis in Ligation) निःसन्तानता की समस्या को दूर किया जाता है।  

8. निःसन्तानता(Infertility) :-

दुरबीन- विधि (Laparoscopy – Hydteroscopy) निःसन्तानताse ग्रसित मरीज़ों के लिए वरदान है।  इसके द्वारा 60 से 70 प्रतिशत मामलों में जब महिलाओं की फैलोपियन – ट्यूब में रुकावट होती है, तो उसको दूर कर दिया जाता है।  

दुरबीन – विधि द्वारा (लैप्रोस्कोपी – हिस्ट्रोस्कोपी ) द्वारा लाभ:-

1 - लप्रोस्कोपिक सर्जरी – ओपेन सर्जरी की तुलना में कई गुना बेहतर है, क्योकि यह अत्याधुनिक उपकरणों द्वारा की जाती है। कई गुना बड़ा दिखने से सर्जन को आसानी रहती है।

2 - छोटे छेद से आपरेशन होने से मरीज़ कप दर्द न के बराबर होता है। खून कम निकलता है तथा मरीज़ 6 घंटे पश्चात घर जा सकता है।

3 - शरीर पर चीरो का कोई बड़ा निशान नहीं दीखता।

4 - आंते बाहरी हवा / औजार के सम्पर्क में नहीं आती जिससे संक्रमण का खतरा नगण्य होता है। त्स्कों द्वारा इलाज।

गहलौत हेल्थ केयर अस्पताल में उपलब्ध सुविधायें :-

1 - पुरुष एवं महिला बाँझपन का इलाज। Intrauterine Insemination(IUI)

2 - दुरबीन द्वारा बच्चेदानी का / अन्य सभी आपरेशन (Hysteroscopy / Laparoscopy)

3 - बिना टांका / चीरा बच्चेदानी का आपरेशन। (NDVH)

4 - दुरबीन द्वारा बच्चेदानी के मुँह के कैंसर की जांच Colposcopy

5 - अल्ट्रासाउंड की सुविधा।

6 - गर्भवती महिला के बच्चे की धड़कन की कम्प्यूटरीकृत जांच (NST- Nonstrees Test )

7 - जच्चा बच्चा टीकाकरण।

8 - गर्भ निरोधक साधन।

9 - पथरी ,बवासीर , (पाइल्स) भगन्दर , त्वचा, पेशाब

सम्बन्धित सभी प्रकार के रोगों का सफल चिकित्स्कों द्वारा इलाज।

10 - PBU की सुविधा।

11 - NICU की सुविधा।

12 - सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त MTP केंद्र

13 - 24 घंटे आकस्मिक सुविधा।

14 - Neuro Ophthalmology

15 - Lid Surgeries/ TumorsDCR/DCT

16 - Glaucoma Medical/ Surgical Valves Medical Retina / FFA /OCT

17 - मोतियाबिन्द का आपरेशन फैको विधि द्वारा

18 - Phaco & Foldable IOL

19 - Multi Focal IOL/ Toric IOL